The concept of New Public Service and its integration in Indian Public Administration: A contemporary analysis
DOI:
https://doi.org/10.70849/IJSCIKeywords:
नव लोक सेवा, समावेश, प्रशिक्षण, प्रशासन, नागरिक चार्टर, जन सहभागिता।Abstract
यह शोध पत्र नव लोक सेवा की अवधारणा का विश्लेषण करता है, जिसे Denhardt and Denhardt द्वारा प्रतिपादित किया गया था। पारंपरिक लोक प्रशासन और नव लोक प्रबंधन की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए, नव लोक सेवा एक वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है जो नागरिकों को सेवा प्राप्तकर्ता नहीं, बल्कि सक्रिय भागीदार मानता है। यह सिद्धांत प्रशासन को उत्तरदायी, पारदर्शी और सहभागी बनाने पर बल देता है। भारतीय लोक प्रशासन में पिछले दो दशकों में कई ऐसे सुधार हुए हैं जो नव लोक सेवा के सिद्धांतों से मेल खाते हैं-जैसे सूचना का अधिकार अधिनियम, नागरिक चार्टर, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम, और पंचायती राज संस्थाओं में जन सहभागिता। यह शोध इन पहलों का विश्लेषण करता है और यह मूल्यांकन करता है कि किस हद तक नव लोक सेवा की अवधारणाएँ भारतीय प्रशासनिक ढांचे में समाहित हुई हैं।
शोध में गुणात्मक पद्धति अपनाई गई है, जिसमें द्वितीयक स्रोतों जैसे पुस्तकें, सरकारी रिपोर्टें, और नीति दस्तावेजों का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय प्रशासन में नव लोक सेवा के सिद्धांतों की उपस्थिति बढ़ रही है, परंतु पूर्ण समावेश के लिए संस्थागत मानसिकता, प्रशिक्षण और संसाधनों में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
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