Impact of Panchayati Raj Institutions on Women's Political Awareness and Leadership Capacity

Authors

  • Dr Kalpana Gautam Govt. T.R.S. College, Rewa (MP) Author

DOI:

https://doi.org/10.70849/IJSCI

Keywords:

महिला सशक्तिकरण, पंचायती राज, राजनीतिक चेतना, नेतृत्व क्षमता, ग्रामीण शासन, सामाजिक परिवर्तन

Abstract

भारत जैसे लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक रूप से विविध देश में महिलाओं का सशक्तिकरण न केवल सामाजिक न्याय का प्रतीक है, बल्कि सतत विकास की अनिवार्यता भी है। लंबे समय तक भारतीय राजनीति पुरुष-प्रधान रही, जहाँ महिलाओं की भूमिका केवल घरेलू या सहयोगी स्तर तक सीमित थी। परंतु 1992 में संविधान के 73वें संशोधन ने इस परंपरा को तोड़ा और महिलाओं के लिए पंचायती राज संस्थाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। इस कदम ने महिलाओं को राजनीति के केंद्र में लाने का अवसर प्रदान किया।
इस शोध का उद्देश्य यह विश्लेषण करना है कि पंचायती राज संस्थाओं ने महिलाओं की राजनीतिक चेतना, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता पर क्या प्रभाव डाला है। अध्ययन से यह पाया गया कि पंचायतों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने न केवल स्थानीय शासन को अधिक समावेशी बनाया है, बल्कि समाज में लैंगिक समानता की दिशा में भी नई दृष्टि दी है।
महिलाएँ अब नीतिगत निर्णयों, विकास योजनाओं और सामाजिक सुधारों में प्रत्यक्ष भूमिका निभा रही हैं। वे शिक्षा, स्वास्थ्य, जल-संरक्षण और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देती हैं। हालाँकि, कुछ स्थानों पर सामाजिक रूढ़ियों और ‘प्रॉक्सी प्रतिनिधित्व’ की समस्या अब भी बनी हुई है, परंतु शिक्षित और जागरूक महिला प्रतिनिधियों ने इस प्रवृत्ति को चुनौती दी है।
निष्कर्ष तः यह कहा जा सकता है कि पंचायती राज संस्थाएँ भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण की सबसे प्रभावी संस्था बनकर उभरी हैं। इस व्यवस्था ने उन्हें राजनीति का अनुभव, निर्णय लेने की क्षमता और समाज परिवर्तन की दिशा में नेतृत्व का अवसर दिया है।

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Published

30-10-2025

How to Cite

[1]
Dr Kalpana Gautam, “Impact of Panchayati Raj Institutions on Women’s Political Awareness and Leadership Capacity”, Int. J. Sci. Inno. Eng., vol. 2, no. 10, pp. 1311–1315, Oct. 2025, doi: 10.70849/IJSCI.